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सालसा में बाल संरक्षण प्रणाली एवं संबंधित विधान पर पैरालिगल वालेंटियर्स को दिया जा रहा प्रशिक्षण।

बिलासपुर (समाचार मित्र) छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पुराना उच्च न्यायालय भवन, बिलासपुर में सालसा एवं युनिसेफ रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के सभागार में 12 सितम्बर से 15 सितम्बर तक चार बैच में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालिगल वालेंटियर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम बाल संरक्षण प्रणाली एवं संबंधित विधान विषय पर विशेष कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है. चार दिवसों तक आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिले से उपस्थिति होने वाले सभी पैरालिगल वालेंटियर्स के लिए संलग्न सूची अनुसार ठहरने, भोजन एवं स्वल्पाहार की उचित व्यवस्था की गयी है।

उक्त कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा से चयनित लगभग 10 पैरालिगल वालेंटियर्स उपस्थित हैं जिसमें प्रथम बैच में रवि शंकर सागर, विजय लक्ष्मी सोनी, दिक्षा जायसवाल ने उपस्थिति दर्ज कराया. उपस्थित चिफ जस्टिस न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी और मुख्य अतिथि श्री जाब जाकरिया प्रमुख युनिसेफ छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर उद्बोधन में कहा कि पैरालिगल वालेंटियर्स मानव ही नहीं बल्कि महामानव जैसे ही है जो सेवा जैसे कार्यों को अंजाम तक पहुचाने में अपना विशेष भागीदारी सांझा करते हैं.

उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थिति समस्त पैरालिगल वालेंटियर्स को बाल संरक्षण प्रणाली संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है बाल संरक्षण की जानकारी में विशेष प्रशिक्षकों द्वारा बताया गया है कि बच्चों की सुरक्षा और बाल संरक्षण, अंतर्राष्ट्रीय बाल अधिकार, सुरक्षा क्या है, बाल संरक्षण के घटक, पैरालिगल वालेंटियर्स के बच्चों के प्रति कर्तव्य, भारत में बच्चों की स्थिति, बाल श्रम, बाल विवाह, किशोर न्याय अधिनियम 2015 , सुरक्षा का सिद्धांत, साकारत्मक उपाय, किशोर न्याय बोर्ड, बाल शोषण, जिला बाल संरक्षण समिति आदि की विशेष प्रशिक्षण पैरालिगल वालेंटियर्स को विधिवत् दी जा रही है।

Nimesh Kumar Rathore

Chief Editor, Mob. 7587031310
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