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ननकीराम कंवर ने कलेक्टोरेट में दिया बड़ा बयान, बोले मेरे पत्र पर ED ने लिया संज्ञान, भ्रष्टाचार के मोर्चे पर घिरी सरकार है निरुत्तर, CM को दे देना चाहिए इस्तीफा, जानें और क्या कहा !

कोरबा। जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक में अनुमोदित कार्यों के जगह मनमाने ढंग से करोड़ों रुपए के प्रशिक्षण ,सामग्री सप्लाई और निर्माण संबंधी कार्य तत्कालीन कलेक्टर सह अध्यक्ष जिला खनिज संस्थान न्यास पर लगा है । जिसमें पूर्व जिला पंचायत सीईओ (वर्तमान में अम्बिकापुर ,जिला -सरगुजा में पदस्थ )नूतन कंवर का साथ देने का आरोप लगा है। शासी परिषद के सदस्य रामपुर विधायक ननकीराम कंवर ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर प्रकरण की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है । ईडी की तड़बड़तोड़ कार्रवाई के बीच श्री कंवर के वायरल पत्र ने जिले में खलबली मचा दी है।

ऊर्जानगरी कोरबा में खनिज संस्थान न्यास मद (डीएमएफ) की लूट मची है। राज्य सरकार जन हितैषी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती करती है। मगर कुछ अफसर राज्य सरकार के जन हितैषी सोच पर पलीता लगाने का काम कर रहे हैं। कोरबा में ऐसे अफसरों की कमी नहीं है। कुछ इसी तरह पूर्व जिपं सीईओ, सह सचिव जिला खनिज संस्थान नूतन कंवर ने डीएमएफ भ्रष्टाचार में दो कलेक्टर्स ( संजीव झा, रानू साहू) का बखूबी साथ दिया है। आईएएस अफसरों के साथ मिलकर उन्होंने डीएमएफ अरबों का गबन किया है। रामपुर विधायक व पूर्व गृहमंत्री ने संजीव झा के कार्यकाल से जुड़ी शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। दूसरी ओर पूर्व कलेक्टर रानू साहू ईडी की गिरफ्त में है।

विधायक ननकीराम कंवर ने कोरबा जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास मद के नियम के विरुद्ध वर्ष 2022-23 में प्रशिक्षण, सामग्री सप्लाई और निर्माण संबंधी कार्य स्वीकृति में अरबों रुपये के गबन व भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी के विरुद्ध केन्द्रीय जाँच एजेंसी से जाँच कराकर कार्यवाही की मांग है। पीएम को लिखे पत्र में कहा गया है कि आपकी सराहनीय सोच न मैं खाऊंगा और न में खाने दूंगा मंशा के विपरीत छत्तीसगढ़ प्रदेश के कोरबा जिले में जिला खनिज न्यास मंद की राशि में अरबों रुपये का घोटाला प्रत्येक वर्ष हो रहा है। जिससे शासन के मंत्री भी फल फूल रहे हैं। वर्ष 2022-23 में शासी परिषद की बैठक में जो कार्य अनुमोदित हुए थे उनकी स्वीकृति न देकर व्यक्तिगत स्वार्थ से मन चाहे कार्य को स्वीकृत किया गया है और उस कार्य का अनुमोदन भी नहीं लिया गया है। इस तरह से जिला खनिज संस्थान न्यास की राशि विकास कार्य में खर्च करने के लिए केंद्र सरकार ने जो नियम बनाया है उसका पूर्ण रूप से अवहेलना करते हुए कलेक्टर कोरबा द्वारा अपने नियम बनाकर केवल कागजों में कार्य स्वीकृत किये गए हैं। धरातल में कोई प्रशिक्षण किसी को मिला ही नहीं, समग्री सप्लाई हुआ ही नहीं, कई निर्माण कार्य हुआ ही नहीं फिर भी अरबो रुपये गबन कर भ्रष्टाचार पूर्व कलेक्टर, सह अध्यक्ष जिला खनिज संस्थान न्यास संजीव झा, पूर्व जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सह सचिव जिला खनिज संस्थान न्यास नूतन कुमार कंवर और पूर्व परियोजना समन्वयक भरोसा राम ठाकुर के द्वारा मिलीभगत कर किया गया है। इस तरह से छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रायः जिलों में डीएमएफ फंड केवल कांग्रेस की प्रदेश सरकार के लोग और अधिकारियों के द्वारा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है।मनचाहे कार्य को फर्जी ढंग से अनुमोदन किया गया और जिस कार्य का अनुमोदन हुआ भी उस कार्य को स्वीकृत नहीं किया गया और जो कार्य स्वीकृत हुआ है वो कार्य का अनुमोदन नहीं लिया गया। इस तरह मनचाहे कार्यों को स्वीकृत पूर्व कलेक्टर संजीव झा, पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी नूतन कंवर और परियोजना समन्वयक भरोसाराम ठाकुर के द्वारा किया गया है। जिन्होंने कार्य स्वीकृत कर राशि आहरण कर अरबों रुपये का गबन किया गया है। असल में वो सब कार्य कागज में स्वीकृत किया गया है और धरातल में कार्य ही नहीं हुआ और पूरी राशि का बंदरबाट कर दिया गया है। श्री कंवर ने अधिकारियों के स्वयं एवं परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर शासकीय राशि का दुरुपयोग कर जमीन, फ़्लैट और ब्लैक मनी रखने का आरोप लगाया है। जिनके विरुद्ध केंद्रीय जांच एजेंसी से जाँच कराकर कठोर कार्यवाही करने की मांग की है।

अनुमोदित और स्वीकृत कार्यों की सूची भी भेजी

श्री कंवर ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में इस बड़े भ्रष्टाचार को लेकर संजीव झा पूर्व कलेक्टर सह अध्यक्ष जिला खनिज संस्थान न्यास, नूतन कंवर पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी सह सचिव द्वारा अनुमोदित और स्वीकृत कार्यों की सूची भी प्रेषित की है।

भंडार क्रय नियम का नहीं हुआ पालन

विधायक कंवर ने पत्र में कहा है कि वर्ष 2022-23 में जो कार्य स्वीकृत किया गया है, उसमें प्रशिक्षण, सामग्री सप्लाई और निर्माण स्ट्रीट लाईट संबंधी कार्य के नाम से बिना प्रशिक्षण दिए बिना सामान सप्लाई और बिना निर्माण के अरबों रुपये का घोटाला किया गया है। भंडार क्रय नियम के नियमों का पालन नहीं हुआ है। भारत सरकार के जीएसटी टैक्स में भी कई करोड़ रुपये की चोरी की गई है। ग्राम पंचायत को एजेंसी बनाकर कार्य स्वीकृत कर नियम विरुद्ध ढंग से ठेकेदार से कार्य करवाया जा रहा है। इस तरह से किसी भी सामग्री का जीएसटी बिल नहीं होने के बाद भी राशि भुगतान किया गया। इस तरह से समस्त राशि का गबन और जीएसटी चोरी को पूर्व कलेक्टर सह अध्यक्ष जिला खनिज संस्थान न्यास संजीव झा, नूतन कंवर पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी सह सचिव जिला खनिज संस्थान न्यास और भरोसा राम ठाकुर पूर्व परियोजना समन्वयक जिला खनिज संस्थान न्यास द्वारा अंजाम दिया गया।

सूची को करा दिया गायब

श्री कंवर का कहना है कि वर्ष 2022-23 में अनुमोदन किये गए सूची उनके बार बार मांग करने के बाद नहीं दिया गया। विधानसभा में प्रश्न करने पर दिया गया है। जिसमें कूटरचित कर केवल पुरुषोतम कंवर विधायक कटघोरा और मोहित केरकेट्टा विधायक पाली तानाखार सहित अध्यक्ष (कलेक्टर)/ सह सचिव ( मुख्य कार्यपालन अधिकारी) का हस्ताक्षर युक्त अनुमोदित सूची प्राप्त हुआ है। जिस सूची में उनका और अन्य सदस्य का हस्ताक्षर भी नहीं है, जबकि वे शासी परिषद की बैठक में सम्मिलित हुए थे और हस्ताक्षर भी किया था। उस सूची को गायब कर दिया गया है।

अनियमितता छुपाने आरटीआई में भी नहीं दिया जवाब

मामले में वाकई में व्यापक पैमाने पर अनियमितता बरते जाने की संभावना है ।मीडिया ने व्यापक लोकहित में 17 अप्रैल 2023 को आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास के शासी परिषद की बैठक में अनुमोदित कार्यों की सूची की सत्यप्रतिलिपि उपलब्ध कराने जन सूचना अधिकारी सह परियोजना अधिकारी जिला खनिज संस्थान के यहाँ विधिवत आवेदन प्रस्तुत किया था । लेकिन जन सूचना अधिकारी ने निर्धारित 30 दिवस की मियाद में जवाब तक प्रस्तुत नहीं किया। जिसके उपरांत प्रथम अपीलीय अधिकारी अपर कलेक्टर कोरबा के यहाँ 15 जून 2023 को प्रथम अपील प्रस्तुत किया गया। लेकिन यहां भी निर्धारित 45 दिवस में सुनवाई कर विधिवत निर्णय पारित नहीं किया जा सका। जन सूचना अधिकारी व अपीलीय अधिकारी दोनों पद पर एक ही समय में अपर कलेक्टर पदस्थ थे। जिनके माध्यम से आवेदक को सुनवाई की सूचना जरूर दी गई। पर दस्तावेज आवेदक को आज पर्यन्त प्रदान नहीं किया गया। जिसकी अपील राज्य सूचना आयोग को की गई है साथ ही उच्च अधिकारियों को शिकायत भी की गई है।

विधायक श्री कंवर बोले मेरी ही शिकायत पर ईडी ने लिया संज्ञान ,आरोप सही साबित हुए,भ्रष्टाचार में घिर गई है सरकार, सीएम को दे देना चाहिए इस्तीफा।

सोमवार को कलेक्टोरेट पहुंचे रामपुर विधायक ननकीराम कंवर से उनके 3 माह पूर्व शिकायत के अभी वायरल होने के संदर्भ में मीडिया ने सवाल किए। जिस पर श्री कंवर का कहना था कि उनकी ही पीएम मोदी से शिकायत के बाद ईडी एक्शन में आई है। उन्होंने कहा कि जो भी आरोप लगाए गए थे वे सच साबित हो रहे व आगे भी होंगे। जिससे भ्रष्टाचार में लिप्त लोग मारे मारे फिर रहे। श्री कंवर ने ईडी के द्वारा छत्तीसगढ़ में डीएमएफ के 7 सालों में स्वीकृत कार्यों व्यय राशि का हिसाब मांगे जाने (जिसमें 2 साल भाजपा की भी सत्ता रही) संबधी सवालों पर श्री कंवर ने कहा कि 4 साल का हिसाब दे दें वही बहुत होगा। उन्होंने कहा कि 7 साल के रिकार्ड की जांच में भी जो दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की गाज गिरेगी। डीएमएफ के कार्यों में पूर्व जिला पंचायत सीईओ (वर्तमान में सरगुजा जिले में पदस्थ) नूतन कंवर की भूमिका पर उन्होंने कहा कि कौन कौन दोषी हैं यह तो जांच अधिकारी तय करेंगे मैंने शिकायत कर दी है। उन्होंने कहा कि शासी परिषद में न केवल अनुमोदित कार्यों के अलावा अन्य कार्यों को स्वीकृति दी गई है वरन कई कार्य हुए ही नहीं ,जिसको लेकर हाईकोर्ट में पीआईएल दायर किया गया है।।उन्होंने कहा कि उन्होंने रेत ,डीजल और शराब ,कोल स्कैम के मामले में भी राज्य शासन की शिकायत की थी। विधानसभा में सरकार निरुत्तर हो गई। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में सरकार पूरी तरह घिर गई है अब सीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए । उन्होंने कहा कि आसन्न विधानसभा चुनाव में ऐसी भ्रष्ट सरकार को पुनः सत्ता में आने का जनता को अवसर नहीं देना चाहिए। तभी भष्ट्राचार पर अंकुश लगेगा।

Nimesh Kumar Rathore

Chief Editor, Mob. 7587031310
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