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देश से लेकर विदेश तक चर्चा, ऐसा क्या कहा PM मोदी ने ! मणिपुर, महंगाई, एकता से लेकर स्टार्टअप तक, पढ़ें पूरा भाषण…

नई दिल्ली (समाचार मित्र न्यूज) : 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से ना केवल सरकार की 9 साल की उपलब्धियां गिनाई बल्कि आगे का लक्ष्य भी तय कर दिया। आगे पढ़े…

उन्होंने कहा कि 2047 का तिरंगा जब लहराएगा तब विश्व भारत का विकसित राष्ट्र के रूप में गुणगान करेगा। आइए जानते हैं पीएम मोदी ने अपने पूरे भाषण में क्या कहा।

पीएम मोदी का पूरा भाषण

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा मेरे प्यारे 140 करोड़ देशवासियों। भारत का गौरव और सम्मान करने वाले कोटि-कोटि जनों को आजादी के इस महान पवित्र पर्व की शुभकामनाएं देता हूं। मेरे प्यारे परिवारजन पूज्य बापू के नेतृत्व में असहयोग का आंदोलन, सत्याग्रह का मूवमेंट और भगत सिंह, राजगुरु जैसे अनगिनत वीरों का बलिदान। उस पीढ़ी में शायद ही कोई व्यक्ति होगा जिसने देश की आजादी में अपना योगदान ना दिया हो। मैं आज देश की आजादी की जंग में जिन जन ने योगदान दिया है, त्याग किया है, तपस्या की है। उन सबको आदर पूर्वक नमन करता हूं।

आज श्री अरविंदो की 150वीं जयंती पूर्ण हो रही है। यह वर्ष स्वामी दयानंद की 150वीं जयंती का वर्ष है। यह वर्ष रानी दुर्गावती के 500वीं जन्मशती का वर्ष है। यह वर्ष मीराबाई के 525 वर्ष का भी पावन पर्व है। इस बार हम जब 26 जनवरी मनाएंगे तो यह हमारे गणतंत्र दिवस की 75वीं वर्षगांठ होगी। इस बार प्राकृतिक आपदाओं ने कई जगहो ंपर संकट पैदा किया। जिन परिवारों ने इस सहा है मैं उनके प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर उन्हें संकटों से मुक्त करेंगे। मैं विश्वास दिलाता हूं। पिछले सप्ताह नॉर्थ ईस्ट में, विशेषकर मणिपुर में जो हिंसा का दौर चला, कई लोगों को अपना जीवन खोना पड़ा। मां बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ। पिछले कुछ दिनों से शांति की खबरें आ रही हैं। देश मणिपुर के लोगों के साथ हैं। पिछले कुछ दिनों से जो शांति बना रखी है, वही रास्ता अपनाएं। देश आपके साथ है। राज्य और केंद्र मिलकर उन समस्याओं के समाधान के लिए भरपूर प्रयास करते रहेंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि हजारों साल पहले जब किसी ने भारत के किसी छोटे राजा पर आक्रमण किया तो पूरे देश का नुकसान हुआ। मैं हजार साल पहले का जिक्र कर रहा हूं क्योंकि फिर से हमारे पास एक ऐसा मौका है। यह अमृतकाल का पहला साल है। यह कालखंड या तो हम जवानी में जी रहे हैं। इस कालखंड में जो हम करेंगे जो कदम उठाएंगे। जितना त्याग तपस्या करेंगे। एक के बाद एक फैसले लेंगे। आने वाले एक हजार साल का देश का स्वर्णिम इतिहास उससे अंकुरित होने वाला है। इस कालखंड में ोहने वाली घटनाएं एक हजार साल तक प्रभावी रहेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया में भारत को नई आशा और नई उम्मीद के साथ देख रहा है। भारत में डेमोग्राफी, डेमोक्रेसी और डायवर्सिटी का अद्भुत संगम है। 30 साल से कम उम्र की युवा आबादी की तरफ पूरी दुनिया नई संभावना के साथ देख रही है।

मैं देश के बेटे-बेटियों को कहना चाहूंगा, जो सौभाग्य आज मिला है, शायद ही किसी का नसीब होता है, जिसे ये मिला हो। इसे गंवाना नहीं है। मुझे युवा शक्ति पर भरोसा है। आज मेरे युवाओं ने दुनिया में तीन पहले स्टार्टअप इकोसिस्टम में स्थान दिला दिया है। दुनिया को भारत की इस ताकत को देखते हुए अचंभा हो रहा है। आज लाखों युवा पूरी दुनिया को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का सबसे बड़ा सामर्थ्य आमजनों का सरकार पर भरोसा है और पूरी दुनिया का भारत के सामर्थ्य पर विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि विश्वास नई बुलंदियों पर जाने वाला है और ये सभी हमारी नीचियों की वजह से संभव हो सका है। भारत की विविधता को दुनिया नए नजरिए से देख रही है। दुनिया के एक्सपर्ट कह रहे हैं कि अब भारत रुकने वाला नहीं है। दुनिया की सभी रेटिंग एजेंसी भारत का गौरव गान कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के बाद एक नया जियो-पॉलिटिकल इक्वेशन आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब सप्लाई चेन बिगड़ गया तो भारत ने नई उपलब्धि हासिल की।

जिस प्रकार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया ने ग्लोबल ऑर्डर लिया था उसी तरह कोरोने के बाद एक नया जिलो पॉलिटिकल इक्वेशन आगे बढ़ रहा है। इसकी परिभाषाएं बदल गई हैं। मेरे प्यारे परिवारजनों आप गौरव करेंगे कि बदलते विश्व को शेप देने में मेरे 140 करोड़ देशवासियों का सामर्थ्य नजर आ रहा है। आप निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं। कोरोना काल में भारत जिस तरह से आगे बढ़ा है। दुनिया ने हमारे सामर्र्थ्य को देखा है। जब दुनिया तहस नहस हो गई। मानवीय संवेदनाओं को लेकर हम विश्व का कल्याण कर रहे हैं। भारत की समृद्धि दुनिया के लिए एक अवसर बन रहा है। ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की हिस्सेदारी, मैं विश्वास से कहता हूं कि भारत में आज जो कमाया है, वह दुनिया में स्थिरता की गारंटी लेकर आया है। विश्वास बन चुका है। अब गेंद हमारे पाले में है। हमें अवसर जाने नहीं देना है। मैं देश के बेटे-बेटियों को कहना चाहूंगा, जो सौभाग्य आज मिला है, शायद ही किसी का नसीब होता है, जिसे ये मिला हो। इसे गंवाना नहीं है। मुझे युवा शक्ति पर भरोसा है। आज मेरे युवाओं ने दुनिया में तीन पहले स्टार्टअप इकोसिस्टम में स्थान दिला दिया है। दुनिया को भारत की इस ताकत को देखते हुए अचंभा हो रहा है। आज लाखों युवा पूरी दुनिया को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहे हैं।

Nimesh Kumar Rathore

Chief Editor, Mob. 7587031310
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